बूर्गमपहाड़विधान सभा चुनाव का परिणाम, 1999
थाटि वेंकटेश्वर्लु (TDP) ने 1999 के विधान सभा चुनाव में 38.7% वोट पाकर बूर्गमपहाड़ सीट जीती और चंदा लिंगय्या (INC) को 2,928 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 275 येल्लंदु थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 275 मडकशिरा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। थाटि वेंकटेश्वर्लु 2.5% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | थाटि वेंकटेश्वर्लु NDA | NDA | 45,90438.7% |
| 2 | चंदा लिंगय्या | 42,97636.2% | |
| 3 | पायम वेंकटेश्वर्लु | 24,14820.4% | |
| 4 | नूपा भास्कर निर्दलीय | निर्दलीय | 5,3924.5% |
| 5 | मुगिथी जयप्रकाश AJBP | AJBP | 2660.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.08 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बूर्गमपहाड़ से कौन जीता, 1978–2004
TDP ने यह सीट CPI से छीन ली, जिसने इसे 1994 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1978 से शुरू होता है, यह TDP की पहली जीत थी। यह 1978 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1994 के 72.3% से घटकर 71.2% रह गया। इसके बाद 2004 के चुनाव में यह सीट CPI ने जीती।