सिकंदराबाद कैंटविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1994
जी. सायन्ना (TDP) ने 1994 के विधान सभा चुनाव में 40.0% वोट पाकर सिकंदराबाद कैंट सीट जीती और डी. नरसिंग राव (INC) को 3,636 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 211 मलकपेट थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 211 बापतला है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। जी. सायन्ना 3.0% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
14 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | जी. सायन्ना | 47,60340.0% | |
| 2 | डी. नरसिंग राव | 43,96736.9% | |
| 3 | डी. हनुमंत राव | 12,64610.6% | |
| 4 | सर्वे सत्यनारायण निर्दलीय | निर्दलीय | 11,5999.7% |
| 5 | एस.जी. पूर्णचंद्र राव | 1,3501.1% | |
| 6 | डी. श्रीरामुलु निर्दलीय | निर्दलीय | 3750.3% |
| 7 | बी. परुसुराम निर्दलीय | निर्दलीय | 3150.3% |
| 8 | एन. जनार्धन निर्दलीय | निर्दलीय | 2740.2% |
| 9 | जी.यू. धोंडीराम निर्दलीय | निर्दलीय | 2240.2% |
| 10 | ई. विश्वनाधम RPP | RPP | 2240.2% |
| 11 | बंगारी श्रीहरि निर्दलीय | निर्दलीय | 1460.1% |
| 12 | बी. एस्थारी निर्दलीय | निर्दलीय | 1240.1% |
| 13 | पी. लक्ष्मण राव निर्दलीय | निर्दलीय | 1040.1% |
| 14 | मब्बू लक्ष्मय्या निर्दलीय | निर्दलीय | 820.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 88% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.15 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सिकंदराबाद कैंट से कौन जीता, 1978–2004
TDP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1989 में जीता था; TDP ने यहाँ पिछली बार 1985 में जीत दर्ज की थी। यह 1978 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1989 के 54.6% से घटकर 51.5% रह गया। इसके बाद 1999 के चुनाव में भी TDP ने यह सीट अपने पास रखी।