सिकंदराबाद कैंटविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
डी. नरसिंगा राव (INC) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 58.0% वोट पाकर सिकंदराबाद कैंट सीट जीती और एन. ए. कृष्ण (TDP) को 22,799 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 211 मलकपेट थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 211 बापतला है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — डी. नरसिंगा राव 23.7% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | डी. नरसिंगा राव | 55,70358.0% | |
| 2 | एन. ए. कृष्ण राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 32,90434.3% |
| 3 | एस.पी. कनक राजू निर्दलीय | निर्दलीय | 4,2954.5% |
| 4 | बी. नरसिंग राव MIM | MIM | 1,6201.7% |
| 5 | जी. एबल DMM | DMM | 5490.6% |
| 6 | टी. नरसिम्हा निर्दलीय | निर्दलीय | 4490.5% |
| 7 | डी. वेंकटय्या निर्दलीय | निर्दलीय | 3960.4% |
| 8 | के. राम चन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 1150.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और TDP को 92% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.19 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सिकंदराबाद कैंट से कौन जीता, 1978–2004
INC ने यह सीट TDP से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1978 से शुरू होता है, यह INC की पहली जीत थी। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1985 के 50.2% से बढ़कर 54.6% हो गया। इसके बाद 1994 के चुनाव में यह सीट TDP ने जीती।