पायकरावपेटाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
काकरा नूकराजू (TDP) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 51.5% वोट पाकर पायकरावपेटा सीट जीती और गौताला सुमौआ (INC) को 3,278 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में भी सीट नंबर 35 का नाम पायकरावपेटा था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 35 नारायणखेड है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। काकरा नूकराजू 4.3% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
3 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | काकरा नूकराजू राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 38,76451.5% |
| 2 | गौताला सुमौआ | 35,48647.1% | |
| 3 | गेड्डम विजया हर्ष कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0681.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
TDP और INC को 99% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.05 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पायकरावपेटा से कौन जीता, 1978–2004
TDP ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1983 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 74.6% से घटकर 51.5% रह गया। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 57.8% से बढ़कर 64.6% हो गया। इसके बाद 1994 के चुनाव में भी TDP ने यह सीट अपने पास रखी।