अवनिगड्डाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
सिम्हाद्रि सत्यनारायण राव (TDP) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 48.7% वोट पाकर अवनिगड्डा सीट जीती और मंडली वेंकट कृष्ण राव (INC) को 167 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में भी सीट नंबर 91 का नाम अवनिगड्डा था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 91 सूर्यापेट है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
अवनिगड्डा का फ़ैसला सिर्फ़ 0.2% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 167 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सिम्हाद्रि सत्यनारायण राव राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 40,54948.7% |
| 2 | मंडली वेंकट कृष्ण राव | 40,38248.5% | |
| 3 | प्रभु दास शीलम निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7332.1% |
| 4 | बोड्डु कृष्ण वासु निर्दलीय | निर्दलीय | 3670.4% |
| 5 | कोसुरी सोमेश्वर राव निर्दलीय | निर्दलीय | 2480.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
TDP और INC को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.12 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
अवनिगड्डा से कौन जीता, 1978–2004
TDP ने 1985 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत लगभग पहले जितना ही रहा: 48.7%। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 77.4% से घटकर 72.8% रह गया। इसके बाद 1994 के चुनाव में भी TDP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1978मंडली वेंकट कृष्ण राव (INC), जीत का अंतर 0.7%
- 1983वेंकट कृष्ण राव मंडली (INC), जीत का अंतर 12.8%
- 1985सत्यनारायणराव सिम्हाद्रि (TDP), जीत का अंतर 8.3%
- 1989सिम्हाद्रि सत्यनारायण राव (TDP), जीत का अंतर 0.2%
- 1994सिम्हाद्रि सत्यनारायण राव (TDP), जीत का अंतर 6.1%
- 1999मंडली बुद्ध प्रसाद (INC), जीत का अंतर 0.9%
- 2004उद्ध प्रसाद मंडली (INC), जीत का अंतर 9.4%