हुजूराबादविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
साय रेड्डी केथिरी (निर्दलीय) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 35.3% वोट पाकर हुजूराबाद सीट जीती और वेंकट राव दुग्गिराला (TDP) को 3,702 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 251 बुग्गाराम थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 251 प्रोद्दुटूर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। साय रेड्डी केथिरी 4.0% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | साय रेड्डी केथिरी निर्दलीय | निर्दलीय | 32,95335.3% |
| 2 | वेंकट राव दुग्गिराला राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 29,25131.3% |
| 3 | राजेश्वर राव वोडितेला | 27,34829.3% | |
| 4 | वेंकटाद्रि गन्नेबोइना निर्दलीय | निर्दलीय | 9381.0% |
| 5 | माधव राव अंदे | 7760.8% | |
| 6 | मोहन रेड्डी कंदुला निर्दलीय | निर्दलीय | 6650.7% |
| 7 | अंकूस मोहम्मद निर्दलीय | निर्दलीय | 6560.7% |
| 8 | ओदेलु नल्लगोंडा निर्दलीय | निर्दलीय | 4640.5% |
| 9 | रत्नाकर राव बोइनपल्ली निर्दलीय | निर्दलीय | 4250.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.25 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
हुजूराबाद से कौन जीता, 1978–2004
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट TDP से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 61.9% से बढ़कर 64.8% हो गया। इसके बाद 1994 के चुनाव में यह सीट TDP ने जीती।
- 1978दुग्गिराला वेंकट राव (INC), जीत का अंतर 17.4%
- 1983कोथा राजी रेड्डी (TDP), जीत का अंतर 5.9%
- 1985दुग्गिराला वेंकटराव (TDP), जीत का अंतर 49.5%
- 1989साय रेड्डी केथिरी (IND), जीत का अंतर 4.0%
- 1994एनुगुला पेद्दी रेड्डी (TDP), जीत का अंतर 18.6%
- 1999एनुगला पेद्दी रेड्डी (TDP), जीत का अंतर 5.5%
- 2004ए. पी. टी. वी. लक्ष्मीकांत राव (TRS), जीत का अंतर 34.6%