सूर्यापेटविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
अकरम सुदर्शन (TDP) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 50.4% वोट पाकर सूर्यापेट सीट जीती और एडा देवय्या (INC) को 4,411 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 284 आलेर थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 284 पुंगनूर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। अकरम सुदर्शन 4.2% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अकरम सुदर्शन राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 52,44150.4% |
| 2 | एडा देवय्या | 48,03046.1% | |
| 3 | कोडिरेक्का लच्चय्या निर्दलीय | निर्दलीय | 2,3812.3% |
| 4 | गोने पुष्पम्मा | 8750.8% | |
| 5 | अनुमुलापुरी रवि बाबू निर्दलीय | निर्दलीय | 2300.2% |
| 6 | लचुमल्ल नारायण निर्दलीय | निर्दलीय | 1600.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
TDP और INC को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.14 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सूर्यापेट से कौन जीता, 1978–2004
TDP ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1983 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 59.6% से घटकर 50.4% रह गया। मतदान प्रतिशत 1985 के 63.7% से बढ़कर 69.1% हो गया। इसके बाद 1994 के चुनाव में भी TDP ने यह सीट अपने पास रखी।