सूर्यापेटविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1983
एडा देवय्या (TDP) ने 1983 के विधान सभा चुनाव में 33.5% वोट पाकर सूर्यापेट सीट जीती और बी. एम. राज (INC) को 342 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 284 आलेर थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 284 पुंगनूर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सूर्यापेट का फ़ैसला सिर्फ़ 0.5% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 342 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | एडा देवय्या | 23,58133.5% | |
| 2 | बी. एम. राज कांग्रेस (इंदिरा) | कांग्रेस (इंदिरा) | 23,23933.0% |
| 3 | इत्तेमल्ला येसोबु वाम दल | वाम दल | 18,86126.8% |
| 4 | गोली कृष्ण निर्दलीय | निर्दलीय | 2,4663.5% |
| 5 | यडला गोपय्या निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0561.5% |
| 6 | पुचकायला उपेंदर ICJ | ICJ | 6640.9% |
| 7 | नागमल्ला नरसम्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 3650.5% |
| 8 | सिवेनेनी अंतय्या निर्दलीय | निर्दलीय | 1230.2% |
| 9 | अनुमुलापुरी परंदामुलु निर्दलीय | निर्दलीय | 690.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.40 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सूर्यापेट से कौन जीता, 1978–2004
TDP ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1978 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1978 के 70.3% से घटकर 67.1% रह गया। इसके बाद 1985 के चुनाव में भी TDP ने यह सीट अपने पास रखी।