चिन्नूरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
बोडा जनार्धन (TDP) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 49.0% वोट पाकर चिन्नूर सीट जीती और के. प्रदीप (INC) को 9,984 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 247 कमलापुर थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 247 रायचोटी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — बोडा जनार्धन 15.9% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बोडा जनार्धन राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 30,73349.0% |
| 2 | के. प्रदीप | 20,74933.1% | |
| 3 | एस. संजीव राव निर्दलीय | निर्दलीय | 7,50011.9% |
| 4 | धर्मपुर रमैया निर्दलीय | निर्दलीय | 2,1443.4% |
| 5 | गुडा चंद्रैया निर्दलीय | निर्दलीय | 1,6342.6% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
TDP, INC और एक निर्दलीय को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.74 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
चिन्नूर से कौन जीता, 1978–2004
TDP ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1983 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 60.4% से घटकर 49.0% रह गया। मतदान प्रतिशत 1985 के 55.8% से घटकर 43.1% रह गया। इसके बाद 1994 के चुनाव में भी TDP ने यह सीट अपने पास रखी।