पालकोंडाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
अमृता कुमारी पी.जे. (INC) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 49.8% वोट पाकर पालकोंडा सीट जीती और गोंडेला सत्तेय्या (TDP) को 1,175 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में भी सीट नंबर 14 का नाम पालकोंडा था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 14 बांसवाड़ा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
पालकोंडा का फ़ैसला सिर्फ़ 1.7% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,175 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अमृता कुमारी पी.जे. | 35,02749.8% | |
| 2 | गोंडेला सत्तेय्या राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 33,85248.1% |
| 3 | कोल्ली अप्पाराव | 5540.8% | |
| 4 | गेड्डपु चिन्नय्या येर्रय्या निर्दलीय | निर्दलीय | 4510.6% |
| 5 | जामी संजीवु निर्दलीय | निर्दलीय | 2630.4% |
| 6 | श्यामाराव गोनेपति निर्दलीय | निर्दलीय | 2520.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और TDP को 98% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.09 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पालकोंडा से कौन जीता, 1978–2004
INC ने यह सीट TDP से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1978 से शुरू होता है, यह INC की पहली जीत थी। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 62.7% से बढ़कर 67.1% हो गया। इसके बाद 1994 के चुनाव में यह सीट TDP ने जीती।
- 1978कंबाला राजरत्नम (JNP), जीत का अंतर 21.9%
- 1983श्यामा राव गोनिपाटि (TDP), जीत का अंतर 34.8%
- 1985ताले भद्रय्या (TDP), जीत का अंतर 42.0%
- 1989अमृता कुमारी पी.जे. (INC), जीत का अंतर 1.7%
- 1994भ्याद्रय्या ताले (TDP), जीत का अंतर 28.5%
- 1999अमृता कुमारी पी.जे. (IND), जीत का अंतर 1.6%
- 2004कंबाला जोगुलु (TDP), जीत का अंतर 14.7%