असम 2011 का नक्शा लोड हो रहा है…
पार्टी के हिसाब से सीटें
INC: 78 सीटें (61.9%)AIUDF: 18 सीटें (14.3%)BOPF: 12 सीटें (9.5%)AGP: 10 सीटें (7.9%)BJP: 5 सीटें (4.0%)IND: 2 सीटें (1.6%)AITC: 1 सीट (0.8%)बहुमत के लिए 64126सरकार बनाने के लिए 64
  • INC7861.9%
  • AIUDF1814.3%
  • BOPF129.5%
  • AGP107.9%
  • BJP54.0%
  • निर्दलीय21.6%
  • AITC10.8%
चुनाव की कहानी

भारी जीत, और सिलसिला जारी

क्या हुआ

इंडियन नेशनल कांग्रेस ने भारी जीत हासिल की, और सत्ता में उसका दौर एक और कार्यकाल के लिए बढ़ गया।

कांग्रेस ने 126 सीटों में से 78 सीटें जीतीं।

यानी उसके पास बहुमत से 14 सीटें ज़्यादा थीं।

अब वह राज्य में लगातार 3 चुनाव जीत चुकी थी।

दूसरे स्थान पर रही ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट ने 18 सीटें जीतीं।

क्या बदला

कांग्रेस अपनी पिछली जीत से भी ज़्यादा मज़बूत हुई, और पहले से बड़ी बढ़त में सीटों का एक बड़ा हिस्सा और जोड़ा।

कांग्रेस की सीटें 53 से 78 हो गईं।

उसके पिछले चुनाव से 8.3 प्रतिशत अंक बढ़ा।

अहम आँकड़े

उस चुनाव के कुछ आँकड़े अलग से ध्यान खींचते हैं।

सबसे कड़ी टक्कर बटद्रवा, असम में हुई, जहाँ सिर्फ़ 131 वोट रहा।

सबसे बड़ा जीत का अंतर टीटाबर, असम में रहा, जहाँ विजेता दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार से 61.4% वोट आगे रहा।

राज्य भर में 76.0% तक पहुँचा, जो उस समय तक असम में सबसे ज़्यादा था।

सबसे भरा हुआ बैलट करीमगंज दक्षिण, असम में था, जहाँ एक सीट के लिए 25 उम्मीदवार मैदान में थे।

पृष्ठभूमि

पिछले चुनाव के मुक़ाबले सीटें जीतने वाले दलों की संख्या तेज़ी से घटी, और परिणाम से निर्दलीय लगभग ग़ायब हो गए।

इस बार 7 दलों ने सीटें जीतीं, निर्दलीयों को मिलाकर — उन्हें सिर्फ़ 2 सीटें मिलीं।

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RBI 2024-25

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