दुधनईविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2011
सिब चरण बसुमतारी (INC) ने 2011 के विधान सभा चुनाव में 37.3% वोट पाकर दुधनई सीट जीती और दिगन्त कुमार राभा (AGP) को 6,017 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 36 बिलासीपारा थी। 2021 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2026 से सीट नंबर 36 गुवाहाटी मध्य है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। सिब चरण बसुमतारी 4.8% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवारनाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सिब चरण बसुमतारी UPA | UPA | 46,89037.3% |
| 2 | दिगन्त कुमार राभा | 40,87332.5% | |
| 3 | फ्लोरेंस जी. मोमिन | 21,00316.7% | |
| 4 | बली राम बोरो NDA | NDA | 10,4458.3% |
| 5 | रामा कान्ता खाखलारी UPA | UPA | 3,4802.8% |
| 6 | कौशल्या चौधुरी खाखलारी UPA | UPA | 1,5971.3% |
| 7 | भूपेन्द्र राभा | 1,3211.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 87% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.56 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹0.18 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
यह सीट नंबर 2026 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2026 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
दुधनई से कौन जीता, 1978–2021
INC ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 2001 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 26.6% से बढ़कर 37.3% हो गया। मतदान प्रतिशत 2006 के 79.5% से बढ़कर 82.7% हो गया। इसके बाद 2016 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।
- 1978जगत चन्द्र पाटगिरी (JNP), जीत का अंतर 4.6%
- 1983जगत पाटगिरी (INC), जीत का अंतर 63.8%
- 1985अकन चन्द्र राभा (IND), जीत का अंतर 27.5%
- 1991जगत पाटगिरी (INC), जीत का अंतर 2.3%
- 1996अकन राभा (AGP), जीत का अंतर 8.2%
- 2001प्रणय राभा (INC), जीत का अंतर 13.8%
- 2006देबेन दैमारी (INC), जीत का अंतर 0.1%
- 2011सिब चरण बसुमतारी (INC), जीत का अंतर 4.8%
- 2016दिपक कुमार राभा (BJP), जीत का अंतर 17.9%
- 2021जादब स्वरगीयारी (INC), जीत का अंतर 0.7%