दुधनईविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2006
देबेन दैमारी (INC) ने 2006 के विधान सभा चुनाव में 26.6% वोट पाकर दुधनई सीट जीती और दिगन्त राभा (AGP) को 171 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 36 बिलासीपारा थी। 2021 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2026 से सीट नंबर 36 गुवाहाटी मध्य है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
दुधनई का फ़ैसला सिर्फ़ 0.1% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 171 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
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| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | देबेन दैमारी UPA | UPA | 31,87226.6% |
| 2 | दिगन्त राभा | 31,70126.5% | |
| 3 | प्रोनय राभा निर्दलीय | निर्दलीय | 14,15611.8% |
| 4 | भृगु रंजन राभा NDA | NDA | 13,72911.5% |
| 5 | जेफर्सन आर. मारक UPA | UPA | 10,1528.5% |
| 6 | फ्लोरेंस जी. मोमिन निर्दलीय | निर्दलीय | 8,1956.8% |
| 7 | अनिल राभा AUDF | AUDF | 7,2576.1% |
| 8 | गुरु प्रसाद राभा NDA | NDA | 9860.8% |
| 9 | मित्र मोहन राभा AGP(P) | AGP(P) | 8930.8% |
| 10 | रिनी ब्रह्म NLP | NLP | 7000.6% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 65% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.43 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2026 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2026 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
दुधनई से कौन जीता, 1978–2021
INC ने 2001 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 51.5% से घटकर 26.6% रह गया। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 2001 के 72.3% से बढ़कर 79.5% हो गया। इसके बाद 2011 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1978जगत चन्द्र पाटगिरी (JNP), जीत का अंतर 4.6%
- 1983जगत पाटगिरी (INC), जीत का अंतर 63.8%
- 1985अकन चन्द्र राभा (IND), जीत का अंतर 27.5%
- 1991जगत पाटगिरी (INC), जीत का अंतर 2.3%
- 1996अकन राभा (AGP), जीत का अंतर 8.2%
- 2001प्रणय राभा (INC), जीत का अंतर 13.8%
- 2006देबेन दैमारी (INC), जीत का अंतर 0.1%
- 2011सिब चरण बसुमतारी (INC), जीत का अंतर 4.8%
- 2016दिपक कुमार राभा (BJP), जीत का अंतर 17.9%
- 2021जादब स्वरगीयारी (INC), जीत का अंतर 0.7%