रूपहीहाटविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2011
मजीबुर रहमान (AIUDF) ने 2011 के विधान सभा चुनाव में 37.1% वोट पाकर रूपहीहाट सीट जीती और सलमा जेस्मिन (INC) को 233 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 85 राहा थी। 2021 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2026 से सीट नंबर 85 माकुम है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
रूपहीहाट का फ़ैसला सिर्फ़ 0.2% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 233 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवारनाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मजीबुर रहमान | 44,44137.1% | |
| 2 | सलमा जेस्मिन UPA | UPA | 44,20836.9% |
| 3 | अब्दुल अजीज निर्दलीय | निर्दलीय | 22,19718.5% |
| 4 | नुरुल हक मोहम्मद फरहाद | 4,2933.6% | |
| 5 | धर्मराज हज़ारिका NDA | NDA | 2,7832.3% |
| 6 | छामचुल आलम UPA | UPA | 9480.8% |
| 7 | मोस्तफा हुसैन UPA | UPA | 8690.7% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.22 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹0.07 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
यह सीट नंबर 2026 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2026 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
रूपहीहाट से कौन जीता, 1978–2021
AIUDF ने यह सीट AGP से छीन ली, जिसने इसे 2006 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1978 से शुरू होता है, यह AIUDF की पहली जीत थी। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 2006 के 82.8% से बढ़कर 83.7% हो गया। इसके बाद 2016 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।
- 1978मोहम्मद इद्रीस (INC), जीत का अंतर 43.9%
- 1983मोहम्मद इद्रीस (INC), जीत का अंतर 62.9%
- 1985रशीदुल हक (IND), जीत का अंतर 9.7%
- 1991रशीदुल हक (INC), जीत का अंतर 40.6%
- 1996रशीदुल हक (INC), जीत का अंतर 4.5%
- 2001सरीफा बेगम (INC), जीत का अंतर 0.6%
- 2006अब्दुल अजीज (AGP), जीत का अंतर 4.2%
- 2011मजीबुर रहमान (AIUDF), जीत का अंतर 0.2%
- 2016नुरुल हुदा (INC), जीत का अंतर 14.3%
- 2021नुरुल हुदा (INC), जीत का अंतर 58.8%