राहाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
गुणेंद्र नाथ पंडित (INC) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 46.6% वोट पाकर राहा सीट जीती और बली राम दास (SOP) को 7,446 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 85 जोरहाट थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1978 से सीट नंबर 85 रूपहीहाट है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — गुणेंद्र नाथ पंडित 20.7% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | गुणेंद्र नाथ पंडित कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 16,81046.6% |
| 2 | बली राम दास | 9,36426.0% | |
| 3 | अंबु बोरा निर्दलीय | निर्दलीय | 4,28611.9% |
| 4 | रमेश चन्द्र नाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 2,6457.3% |
| 5 | राजेन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 1,9795.5% |
| 6 | रामेश्वर डेका राजा निर्दलीय | निर्दलीय | 9562.6% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 85% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.24 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2026 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2026 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
राहा से कौन जीता, 1967–1972
INC ने 1967 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 33.8% से बढ़कर 46.6% हो गया। मतदान प्रतिशत 1967 के 52.7% से बढ़कर 59.7% हो गया।
- 1967एस.सी. गोस्वामी (INC), जीत का अंतर 7.7%
- 1972गुणेंद्र नाथ पंडित (INC), जीत का अंतर 20.7%