असम 1972 का नक्शा लोड हो रहा है…
पार्टी के हिसाब से सीटें
INC: 95 सीटें (83.3%)IND: 10 सीटें (8.8%)SOP: 4 सीटें (3.5%)CPI: 3 सीटें (2.6%)PTC: 1 सीट (0.9%)SWA: 1 सीट (0.9%)बहुमत के लिए 58114सरकार बनाने के लिए 58
  • INC9583.3%
  • निर्दलीय108.8%
  • SOP43.5%
  • CPI32.6%
  • PTC10.9%
  • SWA10.9%
चुनाव की कहानी

असम का नक़्शा छोटा होने के बाद भी कांग्रेस सत्ता में

क्या हुआ

इंडियन नेशनल कांग्रेस सुरक्षित अंतर से सत्ता में बनी रही, और राज्य के शुरुआती चुनावों से चली आ रही जीत का सिलसिला आगे बढ़ाया।

उसने कुल 114 सीटों में से 95 सीटें जीतीं।

इससे वह 58 सीटों के बहुमत के आँकड़े से काफ़ी आगे रही — किसी भी पैमाने से भारी जीत।

निर्दलीय उम्मीदवार सिर्फ़ 10 सीटों के साथ बहुत पीछे रहे।

क्या बदला

यह असम की नई, कहीं छोटी सीमाओं के तहत हुआ पहला चुनाव था।

जो कई इलाक़े पहले इस विधान सभा में सदस्य भेजते थे, वे अलग राज्य और केंद्र शासित प्रदेश बन गए।

विधान सभा भी छोटी हो गई: 125 सीटों से घटकर 114 सीटों की रह गई।

अहम आँकड़े

उस चुनाव के कुछ आँकड़े अलग से ध्यान खींचते हैं।

सबसे क़रीबी मुक़ाबला: रंगिया, असम का फ़ैसला सिर्फ़ 4 वोटों से हुआ।

दूसरी ओर, बोंगाईगांव, असम में एकतरफ़ा जीत हुई, जहाँ कुल वोटों का 79.4% रहा।

लगभग 58.7% पंजीकृत मतदाताओं ने वोट डाला, जो उस समय तक असम में सबसे ज़्यादा था।

पृष्ठभूमि

इस समय तक, राज्य के रूप में असम के छोटे-से इतिहास में कांग्रेस एक भी चुनाव नहीं हारी थी।

यानी लगातार 5 जीत।

सीमाओं का यह नया निर्धारण पूर्वोत्तर क्षेत्र (पुनर्गठन) अधिनियम का परिणाम था, जिसने असम के कई पुराने इलाक़ों को अलग करके नए राज्य और केंद्र शासित प्रदेश बनाए।

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RBI 2024-25

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