टिंगखांगविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
राजेन्द्र नाथ फुकन (INC) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 36.9% वोट पाकर टिंगखांग सीट जीती और भद्रेश्बर गोगोई (SOP) को 2,662 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में कोई सीट नंबर 120 नहीं थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1978 से सीट नंबर 120 नाहरकटिया है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
7.6% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राजेन्द्र नाथ फुकन कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 12,98336.9% |
| 2 | भद्रेश्बर गोगोई | 10,32129.4% | |
| 3 | बिजय चन्द्र तांती निर्दलीय | निर्दलीय | 5,69616.2% |
| 4 | मंडित गोगोई निर्दलीय | निर्दलीय | 2,6717.6% |
| 5 | गुना धर गोगोई निर्दलीय | निर्दलीय | 2,5097.1% |
| 6 | दांडी नाथ स्वर्गारी | 9842.8% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 82% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.84 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2026 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2026 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
टिंगखांग से कौन जीता, 1967–1972
INC ने यह सीट SSP से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1967 के 51.9% से बढ़कर 59.1% हो गया।
- 1967बी. गोगोई (SSP), जीत का अंतर 8.0%
- 1972राजेन्द्र नाथ फुकन (INC), जीत का अंतर 7.6%