गोलाघाटविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
सोनेश्वर बोरा (SOP) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 51.3% वोट पाकर गोलाघाट सीट जीती और आरती सिकिया (INC) को 5,324 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 97 डिब्रुगढ़ थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1978 से सीट नंबर 97 डेरगांव है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — सोनेश्वर बोरा 16.2% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सोनेश्वर बोरा | 16,84351.3% | |
| 2 | आरती सिकिया कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 11,51935.1% |
| 3 | बिष्णुराम काकती निर्दलीय | निर्दलीय | 2,9158.9% |
| 4 | डिंबेश्वर कोरमाकर निर्दलीय | निर्दलीय | 6391.9% |
| 5 | बिपिन चन्द्र हज़ारिका | 5271.6% | |
| 6 | बीरेन्द्र नारायण बिस्मिथ निर्दलीय | निर्दलीय | 4111.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
SOP, INC और एक निर्दलीय को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.54 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2026 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2026 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
गोलाघाट से कौन जीता, 1967–1972
SOP ने यह सीट SSP से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1967 के 54.5% से बढ़कर 55.4% हो गया।
- 1967एस. बोरा (SSP), जीत का अंतर 26.3%
- 1972सोनेश्वर बोरा (SOP), जीत का अंतर 16.2%