चराइबाहीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
दुलाल चन्द्र बरुआ (निर्दलीय) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 50.3% वोट पाकर चराइबाही सीट जीती और दीनानाथ राजखोवा (INC) को 3,208 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 101 बोगडुंग थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1978 से सीट नंबर 101 मरियानी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
12.3% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
3 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | दुलाल चन्द्र बरुआ निर्दलीय | निर्दलीय | 13,08250.3% |
| 2 | दीनानाथ राजखोवा कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 9,87438.0% |
| 3 | सदा बरुआ निर्दलीय | निर्दलीय | 3,03411.7% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
एक निर्दलीय, INC और एक निर्दलीय को 100% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.43 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 1978 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 1978 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
चराइबाही से कौन जीता, 1967–1972
1967 की तरह इस बार भी यहाँ एक निर्दलीय उम्मीदवार जीता। मतदान प्रतिशत लगभग 1967 जितना ही रहा: 53.6%।
- 1967डी.सी. बरुआ (IND), जीत का अंतर 31.1%
- 1972दुलाल चन्द्र बरुआ (IND), जीत का अंतर 12.3%