पाथरकांदीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
बिस्वनाथ उपाध्याय (INC) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 47.7% वोट पाकर पाथरकांदी सीट जीती और महबूबुर रॉब चौधुरी (निर्दलीय) को 5,290 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 5 पाथरकांदी थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1978 से सीट नंबर 5 बदरपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
14.7% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बिस्वनाथ उपाध्याय कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 17,12647.7% |
| 2 | महबूबुर रॉब चौधुरी निर्दलीय | निर्दलीय | 11,83633.0% |
| 3 | बीरेश मिश्र वाम दल | वाम दल | 3,88210.8% |
| 4 | सोना चन्द सिंघा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5284.3% |
| 5 | मृणाल कान्ति दासगुप्ता वाम दल | वाम दल | 1,5124.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, एक निर्दलीय और CPM को 92% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.84 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2026 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2026 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पाथरकांदी से कौन जीता, 1967–1972
INC ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था। मतदान प्रतिशत लगभग 1967 जितना ही रहा: 62.2%।
- 1967एम.आर. कांडो (IND), जीत का अंतर 6.9%
- 1972बिस्वनाथ उपाध्याय (INC), जीत का अंतर 14.7%