मोरानविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
तरुण चन्द्र चुटिया (INC) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 45.0% वोट पाकर मोरान सीट जीती और मदन चन्द्र बरुआ (निर्दलीय) को 5,203 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में कोई सीट नंबर 116 नहीं थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1978 से सीट नंबर 116 डिब्रुगढ़ है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — तरुण चन्द्र चुटिया 18.1% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | तरुण चन्द्र चुटिया कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 12,91745.0% |
| 2 | मदन चन्द्र बरुआ निर्दलीय | निर्दलीय | 7,71426.9% |
| 3 | क्षमानाथ हज़ारिका निर्दलीय | निर्दलीय | 3,71813.0% |
| 4 | दिबाकर हज़ारिका निर्दलीय | निर्दलीय | 2,4118.4% |
| 5 | जितरंजन सुतबोंशी वाम दल | वाम दल | 1,9106.7% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 85% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.29 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2026 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2026 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मोरान से कौन जीता, 1967–1972
INC ने 1967 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 51.0% से घटकर 45.0% रह गया। मतदान प्रतिशत 1967 के 44.2% से बढ़कर 64.4% हो गया।
- 1967पी.के. गोहाईं (INC), जीत का अंतर 33.0%
- 1972तरुण चन्द्र चुटिया (INC), जीत का अंतर 18.1%