बड़े सदन में कांग्रेस का सिलसिला जारी
क्या हुआ
असम में कांग्रेस की जीत जारी रही, और उसकी जीत का सिलसिला आगे बढ़ा।
अब वह लगातार 4 चुनाव जीत चुकी थी।
इंडियन नेशनल कांग्रेस ने कुल 125 सीटों में से 73 सीटें जीतीं।
फिर भी यह बहुमत के लिए ज़रूरी सीटों से 10 सीटें ज़्यादा था।
क्या बदला
यह बड़ी विधान सभा वाला पहला चुनाव भी था, और इसमें दलों का मुक़ाबला भी पहले से ज़्यादा जीवंत रहा।
सदन 105 से बढ़कर 125 सीटों का हो गया।
कई नए दल भी पहली बार सफल हुए: ऑल पार्टी हिल लीडर्स काँफ्रेंस, संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी और स्वतंत्र पार्टी।
5 सीटों पर निर्विरोध जीत हुई — जहाँ सिर्फ़ एक उम्मीदवार खड़ा था, इसलिए फ़ैसले के लिए मतदान की ज़रूरत नहीं पड़ी।
अहम आँकड़े
उस चुनाव के कुछ आँकड़े अलग से ध्यान खींचते हैं।
इस चुनाव का सबसे कड़ा मुक़ाबला बिहपुरिया, असम में हुआ, जहाँ (विजेता दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार से कितने वोटों से आगे रहा) सिर्फ़ 41 वोट रहा।
दूसरी ओर, सबसे एकतरफ़ा मुक़ाबला नोंगस्टोइन, असम में हुआ, जहाँ जीत का अंतर 89.3% रहा।
उस साल किसी भी सीट का सबसे अच्छा (पंजीकृत मतदाताओं में से कितने प्रतिशत ने असल में वोट डाला) जनता, असम में रहा: 82.1%।
राज्य भर का मतदान प्रतिशत भी 54.5% रहा, जो उस समय तक राज्य के इतिहास में सबसे ऊँचा था।
पृष्ठभूमि
इस चुनाव में निर्दलीयों ने भी बढ़त बनाई, हालाँकि सत्ता किसके पास है, इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ।
उनका समर्थन पहले से 8.5 प्रतिशत अंक बढ़ा।