असम की पहली चुनी हुई विधान सभा
क्या हुआ
कांग्रेस ने असम का पहला विधान सभा चुनाव भारी जीत के साथ जीता और राज्य की पहली चुनी हुई सरकार बनाई।
इंडियन नेशनल कांग्रेस ने कुल 108 सीटों में से 76 सीटें जीतीं।
यह बहुमत के लिए ज़रूरी सीटों से 21 सीटें ज़्यादा था।
उसकी सबसे क़रीबी प्रतिद्वंद्वी निर्दलीय सिर्फ़ 14 सीटें जीत सकी।
क्या बदला
यह असम का सबसे पहला विधान सभा चुनाव भी था, जिसमें कुछ निर्वाचन क्षेत्र एक से ज़्यादा सदस्य चुनते थे।
94 निर्वाचन क्षेत्रों में से 14 इसी तरह काम करते थे।
उस साल सदन में कुल 108 सदस्य थे।
इस मुक़ाबले में कुल 458 उम्मीदवार उतरे, यानी औसतन हर निर्वाचन क्षेत्र में लगभग 4.9 उम्मीदवार।
अहम आँकड़े
उस शुरुआती चुनाव के कुछ आँकड़े ख़ास हैं।
राज्य में सबसे कड़ा मुक़ाबला पाटाचारकुची बरमा, असम में रहा, जिसका फ़ैसला सिर्फ़ 16 वोटों के अंतर से हुआ।
दूसरी ओर, आइजल पश्चिम, असम साल का सबसे एकतरफ़ा मुक़ाबला था, जहाँ (विजेता दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार से कितने वोटों से आगे रहा) 69.8% रहा।
उस साल का सबसे अच्छा (पंजीकृत मतदाताओं में से कितने प्रतिशत ने असल में वोट डाला) हाजो, असम में दर्ज हुआ: 74.8%।
सबसे भीड़ वाला मुक़ाबला रताबाड़ी पाथरकांदी, असम में था, जहाँ एक ही सीट पर 12 उम्मीदवार उतरे।
पृष्ठभूमि
असम के पहले चुनाव में कांग्रेस के साथ बड़ी संख्या में दल और निर्दलीय उम्मीदवार भी मैदान में थे।
कुल मिलाकर 10 दलों ने कम से कम एक सीट जीती, निर्दलीयों को मिलाकर — अकेले निर्दलीयों ने 14 सीटें जीतीं।