असम 1991 का नक्शा लोड हो रहा है…
पार्टी के हिसाब से सीटें
INC: 66 सीटें (52.4%)AGP: 19 सीटें (15.1%)IND: 15 सीटें (11.9%)BJP: 10 सीटें (7.9%)NAGP: 5 सीटें (4.0%)ADC: 4 सीटें (3.2%)CPI: 4 सीटें (3.2%)CPM: 2 सीटें (1.6%)JD: 1 सीट (0.8%)बहुमत के लिए 64126सरकार बनाने के लिए 64
  • INC6652.4%
  • AGP1915.1%
  • निर्दलीय1511.9%
  • BJP107.9%
  • NAGP54.0%
  • ADC43.2%
  • CPI43.2%
  • CPM21.6%
  • JD10.8%
चुनाव की कहानी

मामूली बहुमत के साथ कांग्रेस की वापसी

क्या हुआ

पिछले चुनाव में छा जाने वाला निर्दलीयों का गुट ढह गया, और जिस पार्टी की उसने जगह ली थी, वही फिर लौट आई।

इंडियन नेशनल कांग्रेस ने 66 सीटें जीतीं।

यह मामूली बहुमत था — सरकार बनाने के लिए ज़रूरी 64 से सिर्फ़ 2 सीटें ज़्यादा।

क्या बदला

पिछली बार जो सीटें निर्दलीयों के पास गई थीं, उनमें से ज़्यादातर इस बार दूसरी ओर लौट गईं।

किसी भी पार्टी से ज़्यादा नुक़सान निर्दलीय को हुआ।

उसकी 48 सीटें कांग्रेस के पास चली गईं।

भी कुछ घटा — पिछले चुनाव से -4.8 प्रतिशत अंक का बदलाव।

अहम आँकड़े

उस चुनाव के कुछ आँकड़े अलग से ध्यान खींचते हैं।

सबसे क़रीबी मुक़ाबला: नाहरकटिया, असम का फ़ैसला सिर्फ़ 56 वोटों से हुआ।

सिदली, असम में कुल वोटों के 65.4% तक पहुँचा, जो इस चुनाव में सबसे बड़ा था।

यह पहला चुनाव भी था जिसमें अगप, भाजपा, नतुन असम गण परिषद और ऑटोनोमस स्टेट डिमान्ड कमेटी ने इन नामों से सीटें जीतीं।

पृष्ठभूमि

इस चुनाव में दूसरे स्थान पर रही पार्टी आगे के वर्षों में फिर सत्ता जीतने वाली थी।

असम गण परिषद 19 सीटें जीतकर दूसरे स्थान पर रही।

राज्य के आँकड़े पूछें

RBI 2024-25

सभी 126 सीटें