पानेरीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
करेंद्र बसुमतारी (निर्दलीय) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 31.3% वोट पाकर पानेरी सीट जीती और मृदुला सहरिया (INC) को 2,644 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 64 बरभाग थी। 2021 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2026 से सीट नंबर 64 लमडिंग है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। करेंद्र बसुमतारी 4.2% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | करेंद्र बसुमतारी निर्दलीय | निर्दलीय | 19,63631.3% |
| 2 | मृदुला सहरिया | 16,99227.1% | |
| 3 | दुर्गा दास बोरो | 12,33019.7% | |
| 4 | प्राण कृष्ण दास वाम दल | वाम दल | 9,75715.6% |
| 5 | सोनेश्वर राभा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7902.9% |
| 6 | हरेन्द्र नाथ शर्मा NAGP | NAGP | 9871.6% |
| 7 | रामा बरुआ निर्दलीय | निर्दलीय | 5010.8% |
| 8 | प्रफुल्ल राजबोंगशी निर्दलीय | निर्दलीय | 3670.6% |
| 9 | हर्का बहादुर छेत्री निर्दलीय | निर्दलीय | 3570.6% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 78% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.25 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2026 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2026 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पानेरी से कौन जीता, 1978–2021
1985 की तरह इस बार भी यहाँ एक निर्दलीय उम्मीदवार जीता। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 73.3% से बढ़कर 77.1% हो गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती।
- 1978रमेश चन्द्र सहरिया (IND), जीत का अंतर 9.2%
- 1983मृदुला सहरिया (INC), जीत का अंतर 14.6%
- 1985दुर्गा दास बोरो (IND), जीत का अंतर 5.5%
- 1991करेंद्र बसुमतारी (IND), जीत का अंतर 4.2%
- 1996कुमुद चन्द्र दास (IND), जीत का अंतर 13.6%
- 2001कमली बसुमतारी (IND), जीत का अंतर 22.9%
- 2006कमली बसुमतारी (IND), जीत का अंतर 6.1%
- 2011कमली बसुमतारी (BOPF), जीत का अंतर 0.6%
- 2016कमली बसुमतारी (BOPF), जीत का अंतर 14.7%
- 2021बिस्वजीत दैमारी (BJP), जीत का अंतर 30.0%