पानेरीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2011
कमली बसुमतारी (BOPF) ने 2011 के विधान सभा चुनाव में 41.4% वोट पाकर पानेरी सीट जीती और सेंटियूज कुजूर (INC) को 556 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 64 बरभाग थी। 2021 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2026 से सीट नंबर 64 लमडिंग है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
पानेरी का फ़ैसला सिर्फ़ 0.6% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 556 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवारनाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | कमली बसुमतारी BOPF | BOPF | 38,20241.4% |
| 2 | सेंटियूज कुजूर UPA | UPA | 37,64640.8% |
| 3 | उपेन देव NDA | NDA | 6,1466.7% |
| 4 | तुलसी कुजूर निर्दलीय | निर्दलीय | 2,2322.4% |
| 5 | फुंगस्व्रांग बोडोसा निर्दलीय | निर्दलीय | 2,1042.3% |
| 6 | हितेश शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7451.9% |
| 7 | बालें सरानिया | 1,5521.7% | |
| 8 | कुमुद चन्द्र दास निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1661.3% |
| 9 | स्वर्णलता चलिहा | 8861.0% | |
| 10 | रत्नेश्वर राभा UPA | UPA | 6860.7% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BOPF, INC और BJP को 89% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.91 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹0.08 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
यह सीट नंबर 2026 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2026 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पानेरी से कौन जीता, 1978–2021
BOPF ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 2006 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1978 से शुरू होता है, यह BOPF की पहली जीत थी। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 2006 के 71.3% से बढ़कर 73.8% हो गया। इसके बाद 2016 के चुनाव में भी BOPF ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1978रमेश चन्द्र सहरिया (IND), जीत का अंतर 9.2%
- 1983मृदुला सहरिया (INC), जीत का अंतर 14.6%
- 1985दुर्गा दास बोरो (IND), जीत का अंतर 5.5%
- 1991करेंद्र बसुमतारी (IND), जीत का अंतर 4.2%
- 1996कुमुद चन्द्र दास (IND), जीत का अंतर 13.6%
- 2001कमली बसुमतारी (IND), जीत का अंतर 22.9%
- 2006कमली बसुमतारी (IND), जीत का अंतर 6.1%
- 2011कमली बसुमतारी (BOPF), जीत का अंतर 0.6%
- 2016कमली बसुमतारी (BOPF), जीत का अंतर 14.7%
- 2021बिस्वजीत दैमारी (BJP), जीत का अंतर 30.0%