बोंगाईगांवविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
फनी भूषण चौधरी (AGP) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 39.7% वोट पाकर बोंगाईगांव सीट जीती और बली नारायण सिंघा (CPM) को 5,776 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 32 दक्षिण सालमारा थी। 2021 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2026 से सीट नंबर 32 कमलपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
8.5% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | फनी भूषण चौधरी | 27,05539.7% | |
| 2 | बली नारायण सिंघा वाम दल | वाम दल | 21,27931.2% |
| 3 | ध्रुव नारायण बरुआ | 13,51119.8% | |
| 4 | धजेंद्र चन्द्र नाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 2,2093.2% |
| 5 | दामोदर सिंघा URC | URC | 1,1021.6% |
| 6 | अरुण कुमार राय ICS(SCS) | ICS(SCS) | 7291.1% |
| 7 | अरूप कुमार नाथ जनता दल | जनता दल | 6240.9% |
| 8 | पूर्ण घोष UMF | UMF | 5800.8% |
| 9 | अनिल सरकार JP | JP | 5420.8% |
| 10 | बाबू राम दैमारी निर्दलीय | निर्दलीय | 4780.7% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 91% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.37 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2026 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2026 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बोंगाईगांव से कौन जीता, 1978–2021
AGP ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1978 से शुरू होता है, यह AGP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1985 के 82.3% से घटकर 78.6% रह गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में भी AGP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1978मथुरा मोहन सिन्हा (JNP), जीत का अंतर 0.8%
- 1985फनी भूषण चौधरी (IND), जीत का अंतर 23.4%
- 1991फनी भूषण चौधरी (AGP), जीत का अंतर 8.5%
- 1996फनी भूषण चौधुरी (AGP), जीत का अंतर 31.9%
- 2001फनी भूषण चौधुरी (AGP), जीत का अंतर 31.3%
- 2006फनी भूषण चौधुरी (AGP), जीत का अंतर 26.7%
- 2011फनी भूषण चौधुरी (AGP), जीत का अंतर 11.0%
- 2016फनी भूषण चौधुरी (AGP), जीत का अंतर 22.7%
- 2021फनी भूषण चौधुरी (AGP), जीत का अंतर 24.8%