बोंगाईगांवविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2011
फनी भूषण चौधुरी (AGP) ने 2011 के विधान सभा चुनाव में 40.8% वोट पाकर बोंगाईगांव सीट जीती और प्रभात बैष्णव (INC) को 12,397 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 32 दक्षिण सालमारा थी। 2021 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2026 से सीट नंबर 32 कमलपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
11.0% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवारनाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | फनी भूषण चौधुरी | 45,87140.8% | |
| 2 | प्रभात बैष्णव UPA | UPA | 33,47429.8% |
| 3 | शशांक ब्रह्म BOPF | BOPF | 21,95519.5% |
| 4 | मणि कोंच NDA | NDA | 7,7826.9% |
| 5 | शिबू चंदा | 2,0561.8% | |
| 6 | किरणमयी नाथ UPA | UPA | 1,3441.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 90% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.35 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹0.56 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
यह सीट नंबर 2026 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2026 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बोंगाईगांव से कौन जीता, 1978–2021
AGP ने यहाँ लगातार पाँचवीं बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1991 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 46.6% से घटकर 40.8% रह गया। यह 1991 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत लगभग 2006 जितना ही रहा: 77.8%। इसके बाद 2016 के चुनाव में भी AGP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1978मथुरा मोहन सिन्हा (JNP), जीत का अंतर 0.8%
- 1985फनी भूषण चौधरी (IND), जीत का अंतर 23.4%
- 1991फनी भूषण चौधरी (AGP), जीत का अंतर 8.5%
- 1996फनी भूषण चौधुरी (AGP), जीत का अंतर 31.9%
- 2001फनी भूषण चौधुरी (AGP), जीत का अंतर 31.3%
- 2006फनी भूषण चौधुरी (AGP), जीत का अंतर 26.7%
- 2011फनी भूषण चौधुरी (AGP), जीत का अंतर 11.0%
- 2016फनी भूषण चौधुरी (AGP), जीत का अंतर 22.7%
- 2021फनी भूषण चौधुरी (AGP), जीत का अंतर 24.8%