भारी जीत के साथ सत्ता में वापसी
क्या हुआ
सत्ताधारी क्षेत्रीय पार्टी भारी हार के साथ सत्ता से बाहर हुई।
इंडियन नेशनल कांग्रेस ने 126 सीटों में से 71 सीटें जीतीं।
इससे उसके पास बहुमत से 7 सीटें ज़्यादा थीं।
असम गण परिषद, जिसे उसने अभी-अभी सत्ता से हटाया था, सिर्फ़ 20 सीटें जीत पाई।
क्या बदला
सरकार चला रही क्षेत्रीय पार्टी ने अपनी आधी से ज़्यादा सीटें गँवा दीं, जबकि विपक्ष ने अपनी कम सीटों से फिर से ख़ुद को खड़ा किया।
कांग्रेस की सीटें 36 से 71 हो गईं।
उसके (कुल डाले गए वोटों का वह हिस्सा जो किसी एक पार्टी या उम्मीदवार को मिला) 9.0 प्रतिशत अंक बढ़ा।
अहम आँकड़े
उस चुनाव के कुछ आँकड़े अलग से ध्यान खींचते हैं।
सबसे कड़ी टक्कर सिलचर, असम में हुई, जहाँ (विजेता दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार से कितने वोटों से आगे रहा) सिर्फ़ 71 वोट रहा।
सबसे बड़ा जीत का अंतर कोकराझार पूर्व, असम में रहा, जहाँ विजेता दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार से 68.9% वोट आगे रहा।
उस साल किसी भी सीट से ज़्यादा (पंजीकृत मतदाताओं में से कितने प्रतिशत ने असल में वोट डाला) गोसाईगांव, असम में दर्ज हुआ, 89.5%।
सबसे भरा हुआ बैलट हैलाकांदी, असम में था, जहाँ एक सीट के लिए 18 उम्मीदवार मैदान में थे।
पृष्ठभूमि
जिस क्षेत्रीय पार्टी को उसने हराया, वह आगे के वर्षों में असम में और भी कई चुनाव लड़ने वाली थी।