अभयापुरी उत्तरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2001
भुपेन राय (AGP) ने 2001 के विधान सभा चुनाव में 43.3% वोट पाकर अभयापुरी उत्तर सीट जीती और अब्दुल हई नगरी (निर्दलीय) को 1,467 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 34 गौरीपुर थी। 2021 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2026 से सीट नंबर 34 डिमोरिया है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
अभयापुरी उत्तर का फ़ैसला सिर्फ़ 1.9% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,467 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | भुपेन राय NDA | NDA | 34,24143.3% |
| 2 | अब्दुल हई नगरी निर्दलीय | निर्दलीय | 32,77441.5% |
| 3 | महोदर पाठक | 6,1547.8% | |
| 4 | मकबुल हुसैन | 4,7406.0% | |
| 5 | जतीन्द्र च. पाठक NDA | NDA | 6830.9% |
| 6 | भद्रेश्बर बर्मन निर्दलीय | निर्दलीय | 1720.2% |
| 7 | कृष्णा कान्ता राय निर्दलीय | निर्दलीय | 1620.2% |
| 8 | गिरींद्र नाथ डेका निर्दलीय | निर्दलीय | 1490.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
AGP, एक निर्दलीय और CPM को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.71 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2026 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2026 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
अभयापुरी उत्तर से कौन जीता, 1978–2021
AGP ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1991 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 48.5% से घटकर 43.3% रह गया। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1996 के 87.7% से घटकर 84.2% रह गया। इसके बाद 2006 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।
- 1978पाणि मेधी (IND), जीत का अंतर 4.3%
- 1985मकबूल हुसैन (IND), जीत का अंतर 10.8%
- 1991भुपेन राय (AGP), जीत का अंतर 4.0%
- 1996भुपेन च. राय (AGP), जीत का अंतर 2.5%
- 2001भुपेन राय (AGP), जीत का अंतर 1.9%
- 2006अब्दुल हई नागोरी (INC), जीत का अंतर 12.0%
- 2011भुपेन राय (AGP), जीत का अंतर 1.5%
- 2016अब्दुल हई नागोरी (INC), जीत का अंतर 1.6%
- 2021अब्दुल बातिन खन्दकार (INC), जीत का अंतर 20.6%