करीमगंज उत्तरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2001
मिशन रंजन दास (BJP) ने 2001 के विधान सभा चुनाव में 46.4% वोट पाकर करीमगंज उत्तर सीट जीती और हाफिज रशीद अहमद चौधुरी (UMFA) को 17,321 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1967 में सीट नंबर 3 आइजल पश्चिम थी। 2021 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2026 से सीट नंबर 3 कोकराझार है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — मिशन रंजन दास 17.7% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मिशन रंजन दास NDA | NDA | 45,42946.4% |
| 2 | हाफिज रशीद अहमद चौधुरी UMFA | UMFA | 28,10828.7% |
| 3 | परिमल रंजन राय | 12,41412.7% | |
| 4 | नजरुल इस्लाम चौधुरी निर्दलीय | निर्दलीय | 9,0749.3% |
| 5 | चन्दन चक्रवर्ती | 1,7491.8% | |
| 6 | अरुणांशु भट्टाचार्जी निर्दलीय | निर्दलीय | 3560.4% |
| 7 | सुल्तान अहमद चौधुरी निर्दलीय | निर्दलीय | 2580.3% |
| 8 | सहानारा बेगम (चौधुरी) निर्दलीय | निर्दलीय | 2500.3% |
| 9 | बेनु भूषण नाथ | 2460.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 88% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.10 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2026 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2026 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
करीमगंज उत्तर से कौन जीता, 1978–2021
BJP ने यह सीट AGP से छीन ली, जिसने इसे 1996 में जीता था; BJP ने यहाँ पिछली बार 1991 में जीत दर्ज की थी। यह 1983 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1996 के 71.7% से घटकर 70.0% रह गया। इसके बाद 2006 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1978निशीथ रंजन दास (CPM), जीत का अंतर 12.3%
- 1983केतकी प्रसाद दत्त (INC), जीत का अंतर 19.6%
- 1985सिराजुल हक चौधुरी (IND), जीत का अंतर 2.1%
- 1991मिशन रंजन दास (BJP), जीत का अंतर 16.5%
- 1996सिराजुल हक चौधुरी (AGP), जीत का अंतर 1.4%
- 2001मिशन रंजन दास (BJP), जीत का अंतर 17.7%
- 2006मिशन रंजन दास (BJP), जीत का अंतर 4.7%
- 2011कमलाख्या दे पुरकायस्थ (INC), जीत का अंतर 16.4%
- 2016कमलाख्या दे पुरकायस्थ (INC), जीत का अंतर 0.4%
- 2021कमलाख्या दे पुरकायस्थ (INC), जीत का अंतर 5.7%