सिपाझारविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2001
डॉ. जय नाथ शर्मा (AGP) ने 2001 के विधान सभा चुनाव में 49.2% वोट पाकर सिपाझार सीट जीती और बिनंदा कुमार सैकिया (INC) को 214 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 66 तामुलपुर थी। 2021 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2026 से सीट नंबर 66 बरचल्ला है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सिपाझार का फ़ैसला सिर्फ़ 0.2% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 214 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | डॉ. जय नाथ शर्मा NDA | NDA | 45,97849.2% |
| 2 | बिनंदा कुमार सैकिया | 45,76449.0% | |
| 3 | डॉ. लोकेश्वर नाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 6630.7% |
| 4 | सहनूर अली | 2660.3% | |
| 5 | गिरें कलिता | 2190.2% | |
| 6 | जितेन बरुआ | 1620.2% | |
| 7 | मित्र धर बोरकाकती | 1350.1% | |
| 8 | दिलीप कुमार बनिया निर्दलीय | निर्दलीय | 1130.1% |
| 9 | रजनी कान्ता दास निर्दलीय | निर्दलीय | 780.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
AGP और INC को 98% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.07 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2026 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2026 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सिपाझार से कौन जीता, 1978–2021
AGP ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1991 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 50.0% से घटकर 49.2% रह गया। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत लगभग 1996 जितना ही रहा: 77.0%। इसके बाद 2006 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।
- 1978माधब राजवंशी (JNP), जीत का अंतर 24.5%
- 1985जोली नाथ शर्मा (IND), जीत का अंतर 58.9%
- 1991जय नाथ शर्मा (AGP), जीत का अंतर 19.3%
- 1996जय नाथ शर्मा (AGP), जीत का अंतर 5.8%
- 2001डॉ. जय नाथ शर्मा (AGP), जीत का अंतर 0.2%
- 2006बिनंदा कुमार सैकिया (INC), जीत का अंतर 2.9%
- 2011बिनंदा कुमार सैकिया (INC), जीत का अंतर 7.7%
- 2016बिनंदा कुमार सैकिया (BJP), जीत का अंतर 8.9%
- 2021परमानंद राजबोंगशी (BJP), जीत का अंतर 4.8%