सिपाझारविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2016
बिनंदा कुमार सैकिया (BJP) ने 2016 के विधान सभा चुनाव में 47.9% वोट पाकर सिपाझार सीट जीती और डॉ. जय नाथ शर्मा (INC) को 12,175 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 66 तामुलपुर थी। 2021 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2026 से सीट नंबर 66 बरचल्ला है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
8.9% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार + नोटानाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बिनंदा कुमार सैकिया NDA | NDA | 65,48747.9% |
| 2 | डॉ. जय नाथ शर्मा UPA | UPA | 53,31239.0% |
| 3 | जयंत सहरिया निर्दलीय | निर्दलीय | 10,8187.9% |
| 4 | सैयद अब्दुल्लाह | 2,4761.8% | |
| 5 | त्रिदिब शर्मा | 1,0330.8% | |
| — | नोटा नोटा | नोटा | 9530.7% |
| 6 | रेजाउल हक निर्दलीय | निर्दलीय | 7930.6% |
| 7 | शरत चन्द्र शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 7800.6% |
| 8 | थानेश्वर दास NDA | NDA | 3510.3% |
| 9 | उमेश बनिया निर्दलीय | निर्दलीय | 3390.3% |
| 10 | पहेश्वरी बरुआ | 2420.2% | |
| 11 | अमिय कुमार डेका निर्दलीय | निर्दलीय | 1710.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, INC और एक निर्दलीय को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.58 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
नोटा को कितने वोट मिले?
वोट नोटा (“इनमें से कोई नहीं”) को मिले
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹0.20 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
यह सीट नंबर 2026 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2026 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सिपाझार से कौन जीता, 1978–2021
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 2011 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1978 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। यह 1991 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 2011 के 75.7% से बढ़कर 86.3% हो गया। इसके बाद 2021 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1978माधब राजवंशी (JNP), जीत का अंतर 24.5%
- 1985जोली नाथ शर्मा (IND), जीत का अंतर 58.9%
- 1991जय नाथ शर्मा (AGP), जीत का अंतर 19.3%
- 1996जय नाथ शर्मा (AGP), जीत का अंतर 5.8%
- 2001डॉ. जय नाथ शर्मा (AGP), जीत का अंतर 0.2%
- 2006बिनंदा कुमार सैकिया (INC), जीत का अंतर 2.9%
- 2011बिनंदा कुमार सैकिया (INC), जीत का अंतर 7.7%
- 2016बिनंदा कुमार सैकिया (BJP), जीत का अंतर 8.9%
- 2021परमानंद राजबोंगशी (BJP), जीत का अंतर 4.8%