काटीगड़ाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2001
काली रंजन देब (BJP) ने 2001 के विधान सभा चुनाव में 36.3% वोट पाकर काटीगड़ा सीट जीती और प्रदीप नंदी (INC) को 6,582 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 15 उधारबंद थी। 2021 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2026 से सीट नंबर 15 दुधनई है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
8.3% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | काली रंजन देब NDA | NDA | 28,76636.3% |
| 2 | प्रदीप नंदी | 22,18428.0% | |
| 3 | फखरुल आलम मजुमदार निर्दलीय | निर्दलीय | 17,23921.7% |
| 4 | अनिल चन्द्र दे निर्दलीय | निर्दलीय | 6,9668.8% |
| 5 | श्याम किशोर मंडल निर्दलीय | निर्दलीय | 9091.1% |
| 6 | आयतुल हक निर्दलीय | निर्दलीय | 8821.1% |
| 7 | अरुण नाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 8261.0% |
| 8 | हुसैन अहमद मजुमदार | 7370.9% | |
| 9 | डॉ. श्याम सुन्दर चौधुरी | 4530.6% | |
| 10 | बाबुल नमशूद्र निर्दलीय | निर्दलीय | 2100.3% |
| 11 | इमरान अली चौधुरी | 1490.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 86% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.77 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2026 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2026 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
काटीगड़ा से कौन जीता, 1978–2021
BJP ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1991 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 33.4% से बढ़कर 36.3% हो गया। मतदान प्रतिशत 1996 के 76.0% से घटकर 67.2% रह गया। इसके बाद 2006 के चुनाव में यह सीट AUDF ने जीती।
- 1978अब्दुल कय्यूम चौधुरी (INC), जीत का अंतर 9.1%
- 1983नेपाल चन्द्र दास (INC), जीत का अंतर 6.8%
- 1985अब्दुल हमीद मजुमदार (ICS), जीत का अंतर 9.6%
- 1991काली रंजन देब (BJP), जीत का अंतर 22.1%
- 1996काली रंजन देब (BJP), जीत का अंतर 8.0%
- 2001काली रंजन देब (BJP), जीत का अंतर 8.3%
- 2006अताउर रहमान मज़रभुइया (AUDF), जीत का अंतर 15.2%
- 2011अताउर रहमान मज़रभुइया (AIUDF), जीत का अंतर 6.0%
- 2016अमर चन्द जैन (BJP), जीत का अंतर 6.5%
- 2021खलील उद्दीन मजुमदार (INC), जीत का अंतर 4.3%