लमडिंगविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2001
सुशील दत्त (BJP) ने 2001 के विधान सभा चुनाव में 33.3% वोट पाकर लमडिंग सीट जीती और माया चक्रवर्ती (INC) को 1,358 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 92 जमुनामुख थी। 2021 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2026 से सीट नंबर 92 नाहरकटिया है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
लमडिंग का फ़ैसला सिर्फ़ 1.6% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,358 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सुशील दत्त NDA | NDA | 28,63133.3% |
| 2 | माया चक्रवर्ती | 27,27331.8% | |
| 3 | अब्दुल मन्नान निर्दलीय | निर्दलीय | 21,72025.3% |
| 4 | बी. जी. लाल लालजी निर्दलीय | निर्दलीय | 3,5604.1% |
| 5 | अब्दुल मन्नान | 3,3633.9% | |
| 6 | वाई. एल. कर्ण | 6470.8% | |
| 7 | पूर्णेंदु बिकाश निर्दलीय | निर्दलीय | 5120.6% |
| 8 | स्वपन दत्त | 1820.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 90% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.58 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2026 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2026 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
लमडिंग से कौन जीता, 1978–2021
BJP ने यह सीट AGP से छीन ली, जिसने इसे 1996 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1978 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1996 के 75.8% से घटकर 73.3% रह गया। इसके बाद 2006 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1978बीरेश मिश्र (CPM), जीत का अंतर 14.4%
- 1983देबेश चक्रवर्ती (INC), जीत का अंतर 18.6%
- 1985अर्धेंदु कुमार दे (IND), जीत का अंतर 6.9%
- 1991देबेश च. चक्रवर्ती (INC), जीत का अंतर 2.0%
- 1996हाजी अब्दुर रऊफ (AGP), जीत का अंतर 15.7%
- 2001सुशील दत्त (BJP), जीत का अंतर 1.6%
- 2006सुशील दत्त (BJP), जीत का अंतर 6.6%
- 2011स्वपन कर (AIUDF), जीत का अंतर 1.4%
- 2016शिबू मिश्र (BJP), जीत का अंतर 19.4%
- 2021शिबू मिश्र (BJP), जीत का अंतर 6.7%