लमडिंगविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
देबेश च. चक्रवर्ती (INC) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 24.5% वोट पाकर लमडिंग सीट जीती और बाल गोविन्द लाल (BJP) को 1,181 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 92 जमुनामुख थी। 2021 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2026 से सीट नंबर 92 नाहरकटिया है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
लमडिंग का फ़ैसला सिर्फ़ 2.0% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,181 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | देबेश च. चक्रवर्ती | 14,76224.5% | |
| 2 | बाल गोविन्द लाल | 13,58122.5% | |
| 3 | सुनील धर वाम दल | वाम दल | 11,99119.9% |
| 4 | गोपाल बोरा | 8,74314.5% | |
| 5 | युसुफ अली तालुकदार जनता दल | जनता दल | 3,3135.5% |
| 6 | देब कान्ता तामुली SLP | SLP | 2,4654.1% |
| 7 | जलाल उद्दीन चौधरी GGS | GGS | 2,4594.1% |
| 8 | भाबा कान्ता बोरा NAGP | NAGP | 1,5722.6% |
| 9 | दिलीप सुर ADC | ADC | 1,0731.8% |
| 10 | मुकुल गोस्वामी निर्दलीय | निर्दलीय | 3460.6% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 67% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.60 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2026 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2026 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
लमडिंग से कौन जीता, 1978–2021
INC ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1983 में जीत दर्ज की थी। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 74.3% से घटकर 68.1% रह गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में यह सीट AGP ने जीती।
- 1978बीरेश मिश्र (CPM), जीत का अंतर 14.4%
- 1983देबेश चक्रवर्ती (INC), जीत का अंतर 18.6%
- 1985अर्धेंदु कुमार दे (IND), जीत का अंतर 6.9%
- 1991देबेश च. चक्रवर्ती (INC), जीत का अंतर 2.0%
- 1996हाजी अब्दुर रऊफ (AGP), जीत का अंतर 15.7%
- 2001सुशील दत्त (BJP), जीत का अंतर 1.6%
- 2006सुशील दत्त (BJP), जीत का अंतर 6.6%
- 2011स्वपन कर (AIUDF), जीत का अंतर 1.4%
- 2016शिबू मिश्र (BJP), जीत का अंतर 19.4%
- 2021शिबू मिश्र (BJP), जीत का अंतर 6.7%