लमडिंगविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2016
शिबू मिश्र (BJP) ने 2016 के विधान सभा चुनाव में 46.0% वोट पाकर लमडिंग सीट जीती और नेत्र रंजन महंत (INC) को 30,400 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 92 जमुनामुख थी। 2021 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2026 से सीट नंबर 92 नाहरकटिया है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — शिबू मिश्र 19.4% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार + नोटानाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | शिबू मिश्र NDA | NDA | 72,07246.0% |
| 2 | नेत्र रंजन महंत UPA | UPA | 41,67226.6% |
| 3 | स्वपन कर | 39,07525.0% | |
| — | नोटा नोटा | नोटा | 1,2320.8% |
| 4 | उज्जल देब निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1090.7% |
| 5 | कमरुल इस्लाम बरभुयां JNCP | JNCP | 7460.5% |
| 6 | कमल पातर निर्दलीय | निर्दलीय | 6180.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, INC और AIUDF को 98% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.90 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
नोटा को कितने वोट मिले?
वोट नोटा (“इनमें से कोई नहीं”) को मिले
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹0.12 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
यह सीट नंबर 2026 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2026 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
लमडिंग से कौन जीता, 1978–2021
BJP ने यह सीट AIUDF से छीन ली, जिसने इसे 2011 में जीता था; BJP ने यहाँ पिछली बार 2006 में जीत दर्ज की थी। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 2011 के 72.9% से बढ़कर 85.8% हो गया। इसके बाद 2021 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1978बीरेश मिश्र (CPM), जीत का अंतर 14.4%
- 1983देबेश चक्रवर्ती (INC), जीत का अंतर 18.6%
- 1985अर्धेंदु कुमार दे (IND), जीत का अंतर 6.9%
- 1991देबेश च. चक्रवर्ती (INC), जीत का अंतर 2.0%
- 1996हाजी अब्दुर रऊफ (AGP), जीत का अंतर 15.7%
- 2001सुशील दत्त (BJP), जीत का अंतर 1.6%
- 2006सुशील दत्त (BJP), जीत का अंतर 6.6%
- 2011स्वपन कर (AIUDF), जीत का अंतर 1.4%
- 2016शिबू मिश्र (BJP), जीत का अंतर 19.4%
- 2021शिबू मिश्र (BJP), जीत का अंतर 6.7%