बिहपुरियाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2001
प्रेमधर बोरा (निर्दलीय) ने 2001 के विधान सभा चुनाव में 27.7% वोट पाकर बिहपुरिया सीट जीती और बोरगोराम देउरी (INC) को 1,272 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 109 माहमरा थी। 2021 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2026 से सीट नंबर 109 हावड़ाघाट है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
बिहपुरिया का फ़ैसला सिर्फ़ 1.7% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,272 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | प्रेमधर बोरा निर्दलीय | निर्दलीय | 20,94427.7% |
| 2 | बोरगोराम देउरी | 19,67226.0% | |
| 3 | केशाराम बोरा | 19,63826.0% | |
| 4 | तिलक हज़ारिका निर्दलीय | निर्दलीय | 6,3918.5% |
| 5 | बलिन कुली | 3,6614.8% | |
| 6 | शुभेश्वर फुकन | 2,7263.6% | |
| 7 | शिवा शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3861.8% |
| 8 | दिलीप हज़ारिका UBNLF | UBNLF | 5760.8% |
| 9 | बन्दना गोगोई | 5460.7% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 80% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.47 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2026 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2026 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बिहपुरिया से कौन जीता, 1978–2021
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट AGP से छीन ली, जिसने इसे 1996 में जीता था। यह 1978 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1996 के 74.6% से बढ़कर 77.7% हो गया। इसके बाद 2006 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।
- 1978प्रेमधर बोरा (IND), जीत का अंतर 1.4%
- 1983बोरगोराम देउरी (INC), जीत का अंतर 94.7%
- 1985केशाराम बोरा (IND), जीत का अंतर 44.4%
- 1991बोरगाराम देउरी (INC), जीत का अंतर 5.1%
- 1996केशाराम बोरा (AGP), जीत का अंतर 15.0%
- 2001प्रेमधर बोरा (IND), जीत का अंतर 1.7%
- 2006भुपेन कुमार बोरा (INC), जीत का अंतर 0.6%
- 2011भुपेन कुमार बोरा (INC), जीत का अंतर 13.1%
- 2016देबानंद हज़ारिका (BJP), जीत का अंतर 23.9%
- 2021डॉ. अमिय कुमार भुइयां (BJP), जीत का अंतर 8.4%