ढोलाईविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2001
परिमल शुक्लबैद्य (BJP) ने 2001 के विधान सभा चुनाव में 34.7% वोट पाकर ढोलाई सीट जीती और कामाख्य़ा प्रसाद माला (निर्दलीय) को 3,354 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 11 सिलचर थी। 2021 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2026 से सीट नंबर 11 मानकाचर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। परिमल शुक्लबैद्य 4.4% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | परिमल शुक्लबैद्य NDA | NDA | 26,28434.7% |
| 2 | कामाख्य़ा प्रसाद माला निर्दलीय | निर्दलीय | 22,93030.3% |
| 3 | गिरींद्र मल्लिक | 16,24121.5% | |
| 4 | रामा कान्ता दास निर्दलीय | निर्दलीय | 6,9509.2% |
| 5 | अशोक कुमार राय | 1,2451.6% | |
| 6 | प्रदीप कुमार दास निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1101.5% |
| 7 | बीणा रानी राय लस्कर निर्दलीय | निर्दलीय | 7551.0% |
| 8 | हेमेन्द्र चन्द्र दास निर्दलीय | निर्दलीय | 1540.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 87% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.74 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2026 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2026 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
ढोलाई से कौन जीता, 1978–2021
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1996 में जीता था; BJP ने यहाँ पिछली बार 1991 में जीत दर्ज की थी। मतदान प्रतिशत 1996 के 71.7% से घटकर 61.9% रह गया। इसके बाद 2006 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1978शिशिर रंजन दास (INC(I)), जीत का अंतर 13.0%
- 1983शिशिर रंजन दास (INC), जीत का अंतर 29.2%
- 1985दिगेंद्र पुरकायस्थ (INC), जीत का अंतर 0.7%
- 1991परिमल शुक्लबैद्य (BJP), जीत का अंतर 22.7%
- 1996गिरींद्र मल्लिक (INC), जीत का अंतर 4.0%
- 2001परिमल शुक्लबैद्य (BJP), जीत का अंतर 4.4%
- 2006परिमल शुक्लबैद्य (BJP), जीत का अंतर 13.5%
- 2011गिरींद्र मल्लिक (INC), जीत का अंतर 14.0%
- 2016परिमल शुक्लबैद्य (BJP), जीत का अंतर 20.9%
- 2021परिमल शुक्ला वैद्य़ (BJP), जीत का अंतर 13.6%