बिलासीपारा पश्चिमविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2001
अली अकबर मियां (AGP) ने 2001 के विधान सभा चुनाव में 29.9% वोट पाकर बिलासीपारा पश्चिम सीट जीती और हातेम अली चौधुरी (INC) को 2,225 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1967 में सीट नंबर 26 चेरापूंजी थी। 2021 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2026 से सीट नंबर 26 बजाली है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। अली अकबर मियां 2.8% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अली अकबर मियां NDA | NDA | 23,80129.9% |
| 2 | हातेम अली चौधुरी | 21,57627.1% | |
| 3 | शेख मंशूर रहमान निर्दलीय | निर्दलीय | 15,44719.4% |
| 4 | गियासुद्दीन अहमद | 10,60613.3% | |
| 5 | अरुण कुमार दास निर्दलीय | निर्दलीय | 4,3845.5% |
| 6 | यूसुफ अली अहमद | 1,9062.4% | |
| 7 | मोहर उद्दीन मंडल | 7991.0% | |
| 8 | मोकलेस रहमान निर्दलीय | निर्दलीय | 5690.7% |
| 9 | नब कान्ता दास | 4460.6% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 76% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.49 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2026 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2026 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बिलासीपारा पश्चिम से कौन जीता, 1978–2021
AGP ने यह सीट AIIC(T) से छीन ली, जिसने इसे 1996 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1978 से शुरू होता है, यह AGP की पहली जीत थी। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1996 के 85.2% से घटकर 83.6% रह गया। इसके बाद 2006 के चुनाव में यह सीट AUDF ने जीती।
- 1978गैसुद्दीन अहमद (IND), जीत का अंतर 8.6%
- 1983सिराज उद्दीन (INC), जीत का अंतर 54.8%
- 1985युसुफ अली अहमद (IND), जीत का अंतर 14.7%
- 1991गियासुद्दीन अहमद (CPI), जीत का अंतर 4.5%
- 1996अली अकबर मियां (AIIC(T)), जीत का अंतर 3.6%
- 2001अली अकबर मियां (AGP), जीत का अंतर 2.8%
- 2006हाफिज बशीर अहमद (AUDF), जीत का अंतर 6.7%
- 2011हाफिज बशीर अहमद (AIUDF), जीत का अंतर 3.4%
- 2016हाफिज बशीर अहमद (AIUDF), जीत का अंतर 8.2%
- 2021हाफिज बशीर अहमद (AIUDF), जीत का अंतर 37.1%