चेंगाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2001
सुकूर अली अहमद (INC) ने 2001 के विधान सभा चुनाव में 39.8% वोट पाकर चेंगा सीट जीती और लियाकत अली (निर्दलीय) को 967 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 47 सरभोग थी। 2021 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2026 से सीट नंबर 47 मजबाट है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
चेंगा का फ़ैसला सिर्फ़ 1.6% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 967 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सुकूर अली अहमद | 24,68639.8% | |
| 2 | लियाकत अली निर्दलीय | निर्दलीय | 23,71938.2% |
| 3 | मजनूर रहमान | 7,24011.7% | |
| 4 | जैनल खान | 1,8313.0% | |
| 5 | फजलुर रहमान | 1,7882.9% | |
| 6 | सैयद अमीनुल आलम | 1,1091.8% | |
| 7 | देबेश्वर तालुकदार निर्दलीय | निर्दलीय | 9051.5% |
| 8 | अकन चन्द्र तालुकदार निर्दलीय | निर्दलीय | 6791.1% |
| 9 | हज़रत भुइयां | 680.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 90% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.12 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2026 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2026 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
चेंगा से कौन जीता, 1978–2021
INC ने 1996 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 32.3% से बढ़कर 39.8% हो गया। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1996 के 81.6% से घटकर 77.9% रह गया। इसके बाद 2006 के चुनाव में यह सीट AGP ने जीती।
- 1978दानेश अली अहमद (INC), जीत का अंतर 1.6%
- 1983दानेश अली (INC), जीत का अंतर 27.0%
- 1985मुक्तार हुसैन (IND), जीत का अंतर 7.9%
- 1991लियाकत अली खान (IND), जीत का अंतर 28.8%
- 1996सुकूर अली (INC), जीत का अंतर 6.5%
- 2001सुकूर अली अहमद (INC), जीत का अंतर 1.6%
- 2006लियाकत अली खान (AGP), जीत का अंतर 8.3%
- 2011सुकूर अली अहमद (INC), जीत का अंतर 14.2%
- 2016सुकूर अली अहमद (INC), जीत का अंतर 21.3%
- 2021अशरफुल हुसैन (AIUDF), जीत का अंतर 40.6%