चेंगाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2016
सुकूर अली अहमद (INC) ने 2016 के विधान सभा चुनाव में 47.3% वोट पाकर चेंगा सीट जीती और मोनोवारा खातून (AIUDF) को 23,357 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 47 सरभोग थी। 2021 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2026 से सीट नंबर 47 मजबाट है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — सुकूर अली अहमद 21.3% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
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| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सुकूर अली अहमद UPA | UPA | 51,88247.3% |
| 2 | मोनोवारा खातून | 28,52526.0% | |
| 3 | गुणजीत अधिकारी NDA | NDA | 25,90223.6% |
| 4 | शफीकुल हक | 2,1902.0% | |
| — | नोटा नोटा | नोटा | 6670.6% |
| 5 | सूर्य मल्लिक निर्दलीय | निर्दलीय | 6390.6% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, AIUDF और BJP को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.88 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
नोटा को कितने वोट मिले?
वोट नोटा (“इनमें से कोई नहीं”) को मिले
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹0.66 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
यह सीट नंबर 2026 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2026 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
चेंगा से कौन जीता, 1978–2021
INC ने 2011 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 42.1% से बढ़कर 47.3% हो गया। यह 1991 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 2011 के 83.1% से बढ़कर 89.5% हो गया। इसके बाद 2021 के चुनाव में यह सीट AIUDF ने जीती।
- 1978दानेश अली अहमद (INC), जीत का अंतर 1.6%
- 1983दानेश अली (INC), जीत का अंतर 27.0%
- 1985मुक्तार हुसैन (IND), जीत का अंतर 7.9%
- 1991लियाकत अली खान (IND), जीत का अंतर 28.8%
- 1996सुकूर अली (INC), जीत का अंतर 6.5%
- 2001सुकूर अली अहमद (INC), जीत का अंतर 1.6%
- 2006लियाकत अली खान (AGP), जीत का अंतर 8.3%
- 2011सुकूर अली अहमद (INC), जीत का अंतर 14.2%
- 2016सुकूर अली अहमद (INC), जीत का अंतर 21.3%
- 2021अशरफुल हुसैन (AIUDF), जीत का अंतर 40.6%