कांग्रेस की अब तक की सबसे बड़ी जीत
क्या हुआ
कांग्रेस फिर जीती, और पहले से भी ज़्यादा सुरक्षित अंतर से।
इंडियन नेशनल कांग्रेस ने कुल 105 सीटों में से 79 सीटें जीतीं — सदन में भारी बहुमत।
यह उस समय तक राज्य में उसकी सबसे ज़्यादा सीटें थीं।
उसके (कुल डाले गए वोटों का वह हिस्सा जो किसी एक पार्टी या उम्मीदवार को मिला) में -4.1 प्रतिशत अंक का बदलाव आया।
क्या बदला
इस चुनाव से विधान सभा के काम करने के तरीक़े में भी बदलाव आया: अब हर निर्वाचन क्षेत्र सिर्फ़ एक सदस्य चुनता था।
सभी 105 निर्वाचन क्षेत्रों ने ठीक एक-एक सदस्य भेजा, जो सदन की 105 सीटों के बिल्कुल बराबर था।
एक नई क्षेत्रीय पार्टी भी आगे आई: ऑल पार्टी हिल लीडर्स काँफ्रेंस ने पहली बार सदन में सीटें जीतीं।
अहम आँकड़े
उस चुनाव के कुछ आँकड़े अलग से ध्यान खींचते हैं।
इस चुनाव का सबसे कड़ा मुक़ाबला उत्तर कछार हिल्स, असम में हुआ, जहाँ (विजेता दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार से कितने वोटों से आगे रहा) सिर्फ़ 15 वोट रहा।
दूसरी ओर, सबसे एकतरफ़ा मुक़ाबला डूमडूमा, असम में हुआ, जहाँ जीत का अंतर 69.5% रहा।
इस चुनाव में सबसे अच्छा (पंजीकृत मतदाताओं में से कितने प्रतिशत ने असल में वोट डाला) सिलचर पूर्व, असम में रहा, 73.4%।
गौहाटी, असम दो तरह से ख़ास रहा — यहाँ राज्य में सबसे ज़्यादा, 65,671 पंजीकृत मतदाता थे, और सबसे भरा मतपत्र भी यहीं था, जिस पर 9 उम्मीदवार थे।
पृष्ठभूमि
इस चुनाव में भी निर्दलीय उम्मीदवार तस्वीर का हिस्सा बने रहे।
उनमें से 8 ने सदन में सीटें जीतीं।