लखीपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1962
राम प्रसाद चौबे (INC) ने 1962 के विधान सभा चुनाव में 58.5% वोट पाकर लखीपुर सीट जीती और गौर सिंह (निर्दलीय) को 9,649 वोटों से हराया।
1962 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 में सीट नंबर 15 सोनाई थी। 1962 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1967 से सीट नंबर 15 उधारबंद है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — राम प्रसाद चौबे 37.9% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राम प्रसाद चौबे | 14,91658.5% | |
| 2 | गौर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 5,26720.7% |
| 3 | एम. एच. आयीन उद्दीन अहमद निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7056.7% |
| 4 | कौशिनी कुमार शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5266.0% |
| 5 | संत देब चौबे निर्दलीय | निर्दलीय | 8053.2% |
| 6 | चैतु री निर्दलीय | निर्दलीय | 6762.6% |
| 7 | खिरोधर माझी निर्दलीय | निर्दलीय | 5892.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, एक निर्दलीय और एक निर्दलीय को 86% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.53 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2026 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2026 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।