चापागुड़ीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
सुरेन स्वरगीयारी (AGP) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 32.7% वोट पाकर चापागुड़ी सीट जीती और जोग मोहन बरकाचारी (निर्दलीय) को 875 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 63 नलबाड़ी पूर्व थी। 2021 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2026 से सीट नंबर 63 होजाई है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
चापागुड़ी का फ़ैसला सिर्फ़ 1.2% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 875 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सुरेन स्वरगीयारी | 24,63432.7% | |
| 2 | जोग मोहन बरकाचारी निर्दलीय | निर्दलीय | 23,75931.5% |
| 3 | जनक बोरो PTCA | PTCA | 14,56319.3% |
| 4 | खर्गेश्वर डेका निर्दलीय | निर्दलीय | 6,0118.0% |
| 5 | बिमल गायरी | 3,3774.5% | |
| 6 | बीरेन्द्र राभा निर्दलीय | निर्दलीय | 2,3533.1% |
| 7 | बानी कट बसुमतारी URC | URC | 4800.6% |
| 8 | कानन बाला बसुमतारी ICS(SCS) | ICS(SCS) | 1790.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 84% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.95 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2026 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2026 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
चापागुड़ी से कौन जीता, 1978–2021
AGP ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1978 से शुरू होता है, यह AGP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1985 के 83.1% से घटकर 76.3% रह गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती।
- 1978माणिक चन्द्र दास (IND), जीत का अंतर 0.6%
- 1983बिमल गायरी (PTC), जीत का अंतर 57.4%
- 1985सुरेन स्वरगीयारी (IND), जीत का अंतर 10.1%
- 1991सुरेन स्वरगीयारी (AGP), जीत का अंतर 1.2%
- 1996जगमोहन बसमतारी (IND), जीत का अंतर 3.3%
- 2001तिजेन बसुमतारी (IND), जीत का अंतर 62.3%
- 2006थानेश्वर बसुमतारी (IND), जीत का अंतर 20.0%
- 2011हितेश बसुमतारी (BOPF), जीत का अंतर 51.6%
- 2016थानेश्वर बसुमतारी (BOPF), जीत का अंतर 1.3%
- 2021उर्खाव गोरा ब्रह्म (UPPL), जीत का अंतर 21.0%