चापागुड़ीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2016
थानेश्वर बसुमतारी (BOPF) ने 2016 के विधान सभा चुनाव में 37.8% वोट पाकर चापागुड़ी सीट जीती और सुजन दास (निर्दलीय) को 1,481 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 63 नलबाड़ी पूर्व थी। 2021 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2026 से सीट नंबर 63 होजाई है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
चापागुड़ी का फ़ैसला सिर्फ़ 1.3% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,481 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
3 उम्मीदवार + नोटानाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | थानेश्वर बसुमतारी BOPF NDA | BOPF NDA | 43,25037.8% |
| 2 | सुजन दास निर्दलीय | निर्दलीय | 41,76936.5% |
| 3 | हितेश बसुमतारी निर्दलीय | निर्दलीय | 27,34223.9% |
| — | नोटा नोटा | नोटा | 2,0581.8% |
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BOPF, एक निर्दलीय और एक निर्दलीय को 98% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.00 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
नोटा को कितने वोट मिले?
वोट नोटा (“इनमें से कोई नहीं”) को मिले
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹0.45 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
यह सीट नंबर 2026 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2026 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
चापागुड़ी से कौन जीता, 1978–2021
BOPF ने 2011 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 70.6% से घटकर 37.8% रह गया। यह 1991 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 2011 के 77.8% से बढ़कर 83.1% हो गया। इसके बाद 2021 के चुनाव में यह सीट UPPL ने जीती।
- 1978माणिक चन्द्र दास (IND), जीत का अंतर 0.6%
- 1983बिमल गायरी (PTC), जीत का अंतर 57.4%
- 1985सुरेन स्वरगीयारी (IND), जीत का अंतर 10.1%
- 1991सुरेन स्वरगीयारी (AGP), जीत का अंतर 1.2%
- 1996जगमोहन बसमतारी (IND), जीत का अंतर 3.3%
- 2001तिजेन बसुमतारी (IND), जीत का अंतर 62.3%
- 2006थानेश्वर बसुमतारी (IND), जीत का अंतर 20.0%
- 2011हितेश बसुमतारी (BOPF), जीत का अंतर 51.6%
- 2016थानेश्वर बसुमतारी (BOPF), जीत का अंतर 1.3%
- 2021उर्खाव गोरा ब्रह्म (UPPL), जीत का अंतर 21.0%