आमगुरीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
अंजन दत्त (INC) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 29.1% वोट पाकर आमगुरी सीट जीती और प्रदीप हज़ारिका (AGP) को 257 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 103 मरियानी थी। 2021 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2026 से सीट नंबर 103 गोलाघाट है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
आमगुरी का फ़ैसला सिर्फ़ 0.5% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 257 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
20 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अंजन दत्त | 14,15629.1% | |
| 2 | प्रदीप हज़ारिका | 13,89928.6% | |
| 3 | नबीन गोगोई वाम दल | वाम दल | 5,03710.3% |
| 4 | दिलीप ढेकियाल फुकन निर्दलीय | निर्दलीय | 3,7097.6% |
| 5 | नब कुमार बरुआ निर्दलीय | निर्दलीय | 2,2714.7% |
| 6 | बेनुधर बरगोहाँई निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3852.9% |
| 7 | महेंद्र हज़ारिका निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1032.3% |
| 8 | सैयद अब्दुल आरिफ निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0052.1% |
| 9 | ज्यान सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 8821.8% |
| 10 | पावन कुमार बोरदोलोई निर्दलीय | निर्दलीय | 8361.7% |
| 11 | मोन्टू बरबरुआ निर्दलीय | निर्दलीय | 6921.4% |
| 12 | कुलधर चुटिया जनता दल | जनता दल | 6591.4% |
| 13 | सोमेश्वर खनिकर निर्दलीय | निर्दलीय | 5361.1% |
| 14 | देबेन नेउग निर्दलीय | निर्दलीय | 5081.0% |
| 15 | जतीन्द्र नाथ चेतिया निर्दलीय | निर्दलीय | 4721.0% |
| 16 | हेमंत बोरा निर्दलीय | निर्दलीय | 3740.8% |
| 17 | रूपकांत लहान निर्दलीय | निर्दलीय | 3630.8% |
| 18 | संजीव कुमार फुकन निर्दलीय | निर्दलीय | 3420.7% |
| 19 | रामा दास भगवती निर्दलीय | निर्दलीय | 2260.5% |
| 20 | लिखेश्वर बोरकाकती निर्दलीय | निर्दलीय | 2240.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 68% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.32 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2026 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2026 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
आमगुरी से कौन जीता, 1978–2021
INC ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1983 में जीत दर्ज की थी। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 69.2% से घटकर 62.8% रह गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में यह सीट AGP ने जीती।
- 1978खगेन बोरबरुआ (RCI), जीत का अंतर 2.6%
- 1983कीर्ति दत्त (INC), जीत का अंतर 87.5%
- 1985प्रदीप हज़ारिका (IND), जीत का अंतर 50.0%
- 1991अंजन दत्त (INC), जीत का अंतर 0.5%
- 1996प्रदीप हज़ारिका (AGP), जीत का अंतर 10.9%
- 2001अंजन दत्त (INC), जीत का अंतर 14.2%
- 2006प्रदीप हज़ारिका (AGP), जीत का अंतर 5.4%
- 2011अंजन दत्त (INC), जीत का अंतर 0.3%
- 2016प्रदीप हज़ारिका (AGP), जीत का अंतर 1.7%
- 2021प्रदीप हज़ारिका (AGP), जीत का अंतर 6.0%