आमगुरीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
प्रदीप हज़ारिका (निर्दलीय) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 70.8% वोट पाकर आमगुरी सीट जीती और कीर्ति दत्त (INC) को 22,960 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 103 मरियानी थी। 2021 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2026 से सीट नंबर 103 गोलाघाट है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — प्रदीप हज़ारिका 50.0% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
13 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | प्रदीप हज़ारिका निर्दलीय | निर्दलीय | 32,50970.8% |
| 2 | कीर्ति दत्त | 9,54920.8% | |
| 3 | माणिक फूकन निर्दलीय | निर्दलीय | 9152.0% |
| 4 | महेन्द्र हज़ारिका जनता | जनता | 8851.9% |
| 5 | सिद्धेश्वर चेतिया निर्दलीय | निर्दलीय | 7271.6% |
| 6 | मुहिबुर रहमान निर्दलीय | निर्दलीय | 2760.6% |
| 7 | रूपकांत लाहों निर्दलीय | निर्दलीय | 2330.5% |
| 8 | भुबन हातीबरुआ निर्दलीय | निर्दलीय | 2270.5% |
| 9 | भुधिन बरुआ निर्दलीय | निर्दलीय | 2050.5% |
| 10 | तनुराम सैकिया निर्दलीय | निर्दलीय | 1350.3% |
| 11 | मनीराम सैकिया निर्दलीय | निर्दलीय | 1000.2% |
| 12 | सुरेन गोगोई निर्दलीय | निर्दलीय | 800.2% |
| 13 | जयराम सैकिया निर्दलीय | निर्दलीय | 620.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
एक निर्दलीय और INC को 92% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 1.83 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2026 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2026 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
आमगुरी से कौन जीता, 1978–2021
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1983 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1983 के 3.0% से बढ़कर 69.2% हो गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।
- 1978खगेन बोरबरुआ (RCI), जीत का अंतर 2.6%
- 1983कीर्ति दत्त (INC), जीत का अंतर 87.5%
- 1985प्रदीप हज़ारिका (IND), जीत का अंतर 50.0%
- 1991अंजन दत्त (INC), जीत का अंतर 0.5%
- 1996प्रदीप हज़ारिका (AGP), जीत का अंतर 10.9%
- 2001अंजन दत्त (INC), जीत का अंतर 14.2%
- 2006प्रदीप हज़ारिका (AGP), जीत का अंतर 5.4%
- 2011अंजन दत्त (INC), जीत का अंतर 0.3%
- 2016प्रदीप हज़ारिका (AGP), जीत का अंतर 1.7%
- 2021प्रदीप हज़ारिका (AGP), जीत का अंतर 6.0%