जनियाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
असहाक अली (निर्दलीय) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 21.7% वोट पाकर जनिया सीट जीती और जलील तालुकदार (निर्दलीय) को 2,497 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 44 ग्वालपाड़ा पश्चिम थी। 2021 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2026 से सीट नंबर 44 गोरेश्वर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। असहाक अली 3.5% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
12 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | असहाक अली निर्दलीय | निर्दलीय | 15,49221.7% |
| 2 | जलील तालुकदार निर्दलीय | निर्दलीय | 12,99518.2% |
| 3 | खान अब्दुल गफूर | 9,04512.7% | |
| 4 | अताउर रहमान निर्दलीय | निर्दलीय | 8,21011.5% |
| 5 | यूसुफ अली निर्दलीय | निर्दलीय | 7,60210.7% |
| 6 | इदरीश अली निर्दलीय | निर्दलीय | 5,4877.7% |
| 7 | नुरुल अमीन | 3,9245.5% | |
| 8 | अबू बक्कर सिद्दीक URC | URC | 3,1664.4% |
| 9 | अब्दुस शोभन निर्दलीय | निर्दलीय | 2,9344.1% |
| 10 | नजमुल हक निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2521.8% |
| 11 | सोरहाब अली अहमद निर्दलीय | निर्दलीय | 7521.1% |
| 12 | अब्दुस सत्तार निर्दलीय | निर्दलीय | 4330.6% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को सिर्फ़ 53% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 7.45 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2026 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2026 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
जनिया से कौन जीता, 1978–2021
1985 की तरह इस बार भी यहाँ एक निर्दलीय उम्मीदवार जीता। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 87.7% से घटकर 81.5% रह गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में यह सीट UMFA ने जीती।
- 1978अब्दुस शोभन (INC(I)), जीत का अंतर 16.5%
- 1983अब्दुस शोभन (IND), जीत का अंतर 16.1%
- 1985ए.एफ़. गुलाम उस्मानी (IND), जीत का अंतर 66.9%
- 1991असहाक अली (IND), जीत का अंतर 3.5%
- 1996अब्दुर रऊफ (UMFA), जीत का अंतर 1.2%
- 2001असहाक अली (INC), जीत का अंतर 4.2%
- 2006अब्दुल खालेक (INC), जीत का अंतर 0.1%
- 2011रफिकुल इस्लाम (AIUDF), जीत का अंतर 15.3%
- 2016अब्दुल खालेक (INC), जीत का अंतर 19.3%
- 2021रफिकुल इस्लाम (AIUDF), जीत का अंतर 78.4%