जनियाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2006
अब्दुल खालेक (INC) ने 2006 के विधान सभा चुनाव में 27.3% वोट पाकर जनिया सीट जीती और मोजीबोर रहमान खान (AUDF) को 90 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 44 ग्वालपाड़ा पश्चिम थी। 2021 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2026 से सीट नंबर 44 गोरेश्वर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
जनिया का फ़ैसला सिर्फ़ 0.1% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 90 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
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| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अब्दुल खालेक UPA | UPA | 26,70627.3% |
| 2 | मोजीबोर रहमान खान AUDF | AUDF | 26,61627.2% |
| 3 | अब्दुल करीम भुइयां | 20,26520.7% | |
| 4 | ए. जलील तालुकदार | 17,40017.8% | |
| 5 | अब्दुर रऊफ UPA | UPA | 3,0773.1% |
| 6 | शहीदुल इस्लाम NDA | NDA | 1,4571.5% |
| 7 | मुमताज़ अली खान NDA | NDA | 1,2981.3% |
| 8 | खन्दकार जाफर अली AGP(P) | AGP(P) | 4870.5% |
| 9 | आमिनुल इस्लाम NLP | NLP | 3540.4% |
| 10 | असीर उद्दीन | 2840.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 75% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.46 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2026 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2026 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
जनिया से कौन जीता, 1978–2021
INC ने 2001 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 33.7% से घटकर 27.3% रह गया। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 2001 के 76.8% से बढ़कर 80.9% हो गया। इसके बाद 2011 के चुनाव में यह सीट AIUDF ने जीती।
- 1978अब्दुस शोभन (INC(I)), जीत का अंतर 16.5%
- 1983अब्दुस शोभन (IND), जीत का अंतर 16.1%
- 1985ए.एफ़. गुलाम उस्मानी (IND), जीत का अंतर 66.9%
- 1991असहाक अली (IND), जीत का अंतर 3.5%
- 1996अब्दुर रऊफ (UMFA), जीत का अंतर 1.2%
- 2001असहाक अली (INC), जीत का अंतर 4.2%
- 2006अब्दुल खालेक (INC), जीत का अंतर 0.1%
- 2011रफिकुल इस्लाम (AIUDF), जीत का अंतर 15.3%
- 2016अब्दुल खालेक (INC), जीत का अंतर 19.3%
- 2021रफिकुल इस्लाम (AIUDF), जीत का अंतर 78.4%